| "माँ" कहाँ से लायेंगे?
|
|||
| वो माँ! जिसने जनम दिया- मुझे और आपको, वो माँ! जो देवों से भी- बढ़कर है, वो माँ! जिसे हम स्वर्ग से भी महान कहते हैं, वो माँ! जिसका प्रेम और त्याग- अतुलनीय है, |
वो माँ भी तो हमारी माँ होने से पहले, किसी की बेटी थी ना? तो फिर यदि कल को बेटियां न होंगी, तो आप और हम "माँ" कहाँ से लायेंगे? |
|
|